About Founder
हमारे प्रेरणास्रोत
स्वर्गीय मास्टर श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा
SRS School केवल एक विद्यालय नहीं है, बल्कि एक महान शैक्षिक संकल्प की जीवंत अभिव्यक्ति है। इस संकल्प के मूल में थे स्वर्गीय मास्टर श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा — एक उच्च कोटि के शिक्षाविद्, दूरदर्शी चिंतक और शिक्षा को जीवन का परम उद्देश्य मानने वाले व्यक्तित्व। स्व. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा जी एक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सरकारी लेक्चरर के रूप में कार्यरत रहे। वे अपने विषय के गहन ज्ञाता, अनुशासनप्रिय तथा नैतिक मूल्यों से ओतप्रोत शिक्षक थे। विद्यार्थियों के लिए वे केवल अध्यापक नहीं, बल्कि प्रेरणास्रोत, मार्गदर्शक और जीवन-दर्शन देने वाले गुरु थे। उनके लिए शिक्षा का अर्थ केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं था। वे मानते थे कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मानव को चरित्रवान, विवेकशील और समाज के प्रति उत्तरदायी बनाना है।उनकी दृष्टि में शिक्षा एक ऐसी प्रक्रिया थी जो बालक के विचार, व्यवहार और आत्मा — तीनों का समान रूप से निर्माण करती है।
उनका स्वप्न
स्व. शर्मा जी का स्वप्न था एक ऐसे विद्यालय की स्थापना करना —
- जहाँ ज्ञान और संस्कार समान महत्व के साथ दिए जाएँ
- जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा, आत्मविश्वास और नैतिक शक्ति का विकास हो
- जहाँ शिक्षक केवल पाठ न पढ़ाएँ, बल्कि जीवन की दिशा दिखाएँ
- और जहाँ शिक्षा समाज के प्रत्येक वर्ग तक समान रूप से पहुँचे
वे कहा करते थे —
“विद्यालय वह स्थान नहीं जहाँ केवल उत्तर लिखना सिखाया जाए, बल्कि वह प्रयोगशाला है जहाँ सही सोच विकसित की जाती है।”
SRS School – एक विचार से संस्थान तक
आज SRS School उसी महान स्वप्न और विचारधारा को साकार करने का सतत प्रयास है। विद्यालय की शिक्षण पद्धति, अनुशासन, मूल्य-आधारित वातावरण तथा विद्यार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण में स्व. शर्मा जी की शिक्षा-दृष्टि स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। हमारा उद्देश्य केवल शैक्षणिक सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कारयुक्त, आत्मनिर्भर, संवेदनशील और राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने वाले नागरिकों का निर्माण करना है।
हमारी कृतज्ञ श्रद्धांजलि
SRS School परिवार, स्वर्गीय मास्टर श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा जी के प्रति असीम श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता अर्पित करता है। उनका जीवन, उनके विचार और उनका स्वप्न हमारे लिए सदैव प्रेरणा का आलोक-पुंज बने रहेंगे।

